पेगासस स्पाइवेयर क्या है? | अब Android क्या iPhone भी होगा Hack

आजकल के टेक्नोलॉजिकल एडवांस वर्ल्ड में Hacking एक आम सी बात हो गई है आजकल हैकर्स भी कठिन से कठिन सिस्टम्स हैक करने की काबिलियत रखते हैं और अपनी इस काबिलियत के दम पे या तो समाज के लिए कुछ अच्छा करते हैं या फिर इसका प्रयोग गलत ढंग से करके अपने फायदे के बारे में सोचते हैं।

इसी बीच इसराइली साइबर सुरक्षा कंपनी NSO ने एक ऐसा सिस्टम Develope किया है जो केवल मात्र एक मिसड कॉल या मैसेज के द्वारा ही किसी भी गैजेट को आसानी से हैक कर लेगा और जिसका भी गैजेट या स्मार्टफोन हैक होगा उसको इसकी जरा सी भी भनक नहीं लग पाएगी।

1) पेगासस स्पाइवेयर क्या है?

पेगासस स्पाइवेयर क्या है
पेगासस स्पाइवेयर क्या है?

पेगासस स्पाइवेयर NSO Group के द्वारा बनाया गया एक Hacking Software है जो कि केवल मात्र एक मिसड कॉल या मैसेज के द्वारा ही किसी भी डिवाइस को हैक कर सकता है अगर यह एक बार भी किसी के स्मार्टफोन में घुस गया तो बड़े से बड़ा स्मार्टफोन का उस्ताद भी इसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता और जो भी व्यक्ति आपके मोबाइल में यह वायरस भेजेगा उसके पास आपके मोबाइल का पूरा कंट्रोल आ जाएगा।

जैसे:-

  • जिस भी व्यक्ति ने आपके मोबाइल में इस Virus को डाला होगा वह किसी भी वक्त आपके मोबाइल के कैमरे से फ़ोटोस खिच सकता है व वीडियोस बना सकता है।
  • आपके मोबाइल के माइक्रोफोन को ऑन करके कभी भी आपकी आवाज व आस-पास किसी की भी आवाज रिकॉर्ड कर सकता है।
  • आपके मोबाइल की लोकेशन को ऑन करके जान सकता है कि आप कहाँ पर हो।
  • आपके मोबाइल मे से किसी भी डेटा को कभी भी एक्सेस (देख व सुन) कर सकता है।
  • आपकी बिल्कुल भी प्राइवेसी नहीं रहेगी वह आपके मोबाइल के साथ कभी भी कुछ भी कर सकता है।

2) NSO Group क्या है? जाने इसकी संपूर्ण जानकारी।

NSO Group क्या है?
NSO Group क्या है?

NSO Group एक इजरायली Tech Firm है, जो कि सन 2010 में Niv Carmi, Omri Lavie, और Shalev Hulio के द्वारा स्थापित की गई थी और पेगासस स्पाइवेयर भी इसी कंपनी के द्वारा बनाया गया हैं और यह कंपनी अपना पेगासस स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर दूसरे देश की सरकार और वहाँ कि कुछ खुफिया एजेंसियों को ही देती है।

पेगासस स्पाइवेयर का प्रयोग कई सारे देशों की सरकार आतंकवादियों और गुन्हेगारो को पकड़ने व उनके ऊपर नजर रखने के लिए करती है।

इनके पास साइबर साइंस में रुचि रखने वाले एक्सपर्ट्स की एक बहुत बड़ी टीम है जो किसी भी बड़ी से बड़ी कंपनी के सॉफ्टवेयरस में Bugs को ढूंढ निकाल सकने कि काबिलियत रखती है।

NSO Group का मकसद क्या है?

NSO Group का मुख्य मकसद ऐसे Softwares बनाना है जो समाज को आतंकवाद व अपराध से मुक्त कर सके पेगासस स्पाइवेयर की मदद से NSO Group ने अपने इस मकसद को कई हद तक कामयाब भी कर दिया है।

3) पेगासस स्पाइवेयर काम कैसे करता है?

पेगासस स्पाइवेयर काम कैसे करता है?
पेगासस स्पाइवेयर काम कैसे करता है?

सबसे पहले NSO Group बड़े बड़े Brands जैसे Apple, Samsung, Facebook, Whatsapp आदि के सिस्टम्स में Bugs ढूंढता है या फिर किसी बड़े हैकर से उस Bugs को खरीद कर, उस Brand को ना बताके ऐसे सॉफ्टवेयरस बनाता है जो कि किसी का भी फोन हैक करने में सक्षम हो जाते है।

सबसे पहले यह स्पाइवेयर 2016 में पाया गया था उस समय इन्हे किसी का भी फोन हैक करने के लिए एक malicious link बेजनी पड़ती थी और जब-तक व यूजर उस लिंक पर क्लिक नहीं करता था उसका फोन हैक नहीं होता था इस तकनीक को Spare Fishing कहा जाता था।

अब तो इसका भी बाप आ गया है जिसमें Zero Click से ही आपका फोन Hack हो जाएगा केवल एक व्हाट्सएप मिसड कॉल या मैसेज से ही जिसमें आपको कुछ करना भी नहीं होगा फिर भी आपका डिवाइस हैक हो जाएगा और यह स्पाइवेयर मैसेज और मिसड कॉल के रिकॉर्ड को भी हटा सकता है जिससे उस स्मार्टफोन यूजर का यह जानना असंभव हो जाएगा कि उसका स्मार्टफोन Hack हो गया है।

4) पेगासस स्पाइवेयर को सबसे पहले कब और कैसे खोजा गया?

पेगासस स्पाइवेयर को सबसे पहले कब और कैसे खोजा गया?
पेगासस स्पाइवेयर को सबसे पहले कब और कैसे खोजा गया?

पेगासस स्पाइवेयर को सबसे पहले 2016 में एक iOS डिवाइस में खोजा गया था जो कि एक अरब ह्यूमन राइट डिफेंडर अहमद मनसूर का था उनको एक टेक्स्ट मैसेज आया था जिसमे UAE के जेलों में कैदियों के साथ होने वाले अत्याचार के बारे में जानने के लिए एक Link थी।

परंतु अहमद मनसूर बहुत चालाक व समझदार व्यक्ति थे उन्होंने तुरंत इस लिंक को Citizen Lab को भेज दिया और Citizen Lab ने Lookout के साथ Collaboration करके यह जाना कि अगर मनसूर इस Link पर क्लिक करते तो उनका iPhone Device Hack हो जाता बाद मे यह भी पता चला कि इस स्पाइवेयर को NSO Group ने बनाया है और इसे UAE सरकार को बेचा है और यह भी पता चला कि सरकार ने उनकी जासूसी करने के लिए उनका फोन Hack करना चाहा।

कुछ समय पश्चात The New York Times व The Times Of Israel ने अपने अखबारों में यह जारी किया कि United Arab Emirates (UAE) पेगासस स्पाइवेयर का यूज़ 2013 से ही कर रहा है।

5) पेगासस स्पाइवेयर को क्यो बनाया गया है?

पेगासस स्पाइवेयर को क्यो बनाया गया है?
पेगासस स्पाइवेयर को क्यो बनाया गया है?

पेगासस स्पाइवेयर को NSO Group ने मुख्य रूप से इसलिए बनाया है जिससे कई सारे देशों की सरकारों व खुफिया एजेंसियों को मदद मिल सके ताकि वह आतंकवाद व अपराध को रोक सके और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति पर निगरानी रख सकें इससे कोई भी देश कई सारी हानियों को कम कर पाएगा और उससे बच भी पाएगा।

6) पेगासस स्पाइवेयर से क्या-क्या किया जा सकता है?

पेगासस स्पाइवेयर से क्या-क्या किया जा सकता है?
पेगासस स्पाइवेयर से क्या-क्या किया जा सकता है?

पेगासस स्पाइवेयर से वह सब किया जा सकता है जो कि एक आम आदमी सोच भी नहीं सकता भले ही मोबाइल आपका होगा परंतु उसका पूरा कंट्रोल उस व्यक्ति के पास होगा जिसने पेगासस स्पाइवेयर कि मदद से आपका मोबाइल Hack किया होगा।

यह आपके मोबाइल में छोटी से छोटी चीज से लेकर बड़ी से बड़ी चीज कुछ भी चुरा सकता है, चाहे वह भले आपके कोई Messages हो, Call History हो, Contacts हो, Calender हो, Browsing History हो सब कुछ देख सकता है।

यहां तक कि आपके फोन के Microphone को यूज करके आपकी सारी रिकॉर्डिंग कर सकता है आपके Camere को यूज करके कभी भी आपकी फोटोस व विडियोस निकाल सकता है और GPS की मदद से आपकी किसी भी वक्त लाइव लोकेशन तक देख सकता है।

7) क्या पेगासस से iPhone को Hack किया जा सकता है?

क्या पेगासस से iPhone को Hack किया जा सकता है?
क्या पेगासस से iPhone को Hack किया जा सकता है?

जी हाँ Apple की तरफ से आने वाले iPhone जो की सिक्योरिटी के बादशाह माने जाते हैं परंतु पेगासस स्पाइवेयर के सामने इनकी भी कुछ खास नही चलती, यह भी NSO Group के द्वारा बनाए गए इस Hacking के जाल मे आसानी से फँस ही जाते है और यहाँ तक कि इस स्पाइवेयर के द्वारा सबसे पहला Hack होने वाला Device भी iPhone ही था।

8) NSO Group स्पाइवेयर का WhatsApp से विवाद

NSO Group स्पाइवेयर का WhatsApp से विवाद
NSO Group स्पाइवेयर का WhatsApp से विवाद

द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार यह सामने आया कि 2019 मे मैसेजिंग ऐप WhatsApp के लगभग 1400 यूजर्स को कई देशों कि सरकारो ने NSO Group के इस पेगासस स्पाइवेयर की मदद से निशाना बनाया था इनमें उच्च राष्ट्रीय सुरक्षा पदों पर अमेरिका के सहयोगी व्यक्तियों सहित दुनियाभर के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी शामिल थे।

WhatsApp के CEO Will Cathcart ने उन 1400 यूजर्स की तरफ से NSO Group के प्रति अपना विरोध प्रकट किया और इनके ऊपर कैलिफ़ोर्निया की फेडरल कोर्ट में केस दर्ज करा दिया और कहा कि पेगासस जैसे सॉफ्टवेयर की बिक्री साइबर हथियारों की बिक्री के समान है और 2020 के अंत में दो बड़ी कंपनियां Google और Microsoft ने भी WhatsApp के इस केस मे साथ दिया और NSO के विरुद्ध हो गए।

9) Hacking के लिए सबसे अच्छा सॉफ्टवेयर कौनसा है?

Hacking के लिए सबसे अच्छा सॉफ्टवेयर कौनसा है?
Hacking के लिए सबसे अच्छा सॉफ्टवेयर कौनसा है?

जी हाँ आपने एक दम सही पहचाना पेगासस स्पाइवेयर ही Hacking के लिए सबसे अच्छा सॉफ्टवेयर माना जाता है क्योंकि ये जीरो क्लिक पर ही किसी का भी फोन Hack कर सकता है यानी कि हमें केवल मात्र एक कॉल करना है या फिर कोई मैसेज करना है और उसी से दूसरे का फोन Hack हो जाएगा और हम उसके डिवाइस पर उससे ज्यादा Control हासिल कर पाएंगे।

10) पेगासस स्पाइवेयर का price क्या है?

पेगासस स्पाइवेयर का price क्या है?
पेगासस स्पाइवेयर का price क्या है?
  • NSO लगभग ₹3.7 करोड लेता है पेगासस को केवल मात्र इंस्टॉल करने के लिए।
  • 5 BlackBerry के users का स्मार्टफोन हैक करने में लगभग ₹3.7 करोड़ लगते हैं।
  • 5 Symbian users का फोन Hack करने में लगभग ₹2.25 करोड़ लगते हैं।
  • 100 अतिरिक्त फोन को Hack करने के लिए लगभग ₹5.9 करोड रुपए ऊपर से देने होंगे।
  • 50 अतिरिक्त फोन के लिए ₹3.7 करोड़।
  • 20 अतिरिक्त फोन के लिए ₹1.85 करोड।
  • 10 अतिरिक्त फोन के लिए ₹1.1 करोड़ तक NSO Group चार्ज करेगा।
  • साथ ही 17% मेंटेनेंस प्राइस भी NSO Group को सालाना देना होगा।

11) पेगासस स्पाइवेयर कैसे download किया जा सकता है? या खरीदा जा सकता है।

पेगासस स्पाइवेयर कैसे download किया जा सकता है? या खरीदा जा सकता है।
पेगासस स्पाइवेयर कैसे खरीदा जा सकता है।

जी नहीं पेगासस स्पाइवेयर आप और हम जैसे आम आदमियों के लिए नहीं बना है यह सिर्फ किसी देश की सरकार व खुफिया एजेंसियों के खरीदने व प्रयोग करने के लिए ही बना है ताकि देश व समाज कई सारी सामाजिक घटनाओं से बचकर उन्नति कर सकें आपका और हमारा तो केवल फोन Hack हो सकता है आप तो बस उस से बच के रहे।

अरे यह तो केवल मजाक था सरकार आखिर हमारा फोन Hack करके करेगी क्या, इतना पैसा वह समय है क्या सरकार के पास और हमारे पास ऐसी कौन सी जानकारी है जो सरकार देख कर खुश हो जाएगी इसलिए निश्चित रहे, अपना फोन Hack नहीं होगा बाकी बात रही पेगासस को Download करने की तो यह पुरा प्रोसेस सरकार व NSO Group के बीच में खुफिया ढंग से होता है।

12) क्या भारत सरकार ने पेगासस खरीदा है?

 

 क्या भारत सरकार ने पेगासस खरीदा है?
क्या भारत सरकार ने पेगासस खरीदा है?

जी हम आपको बता दें यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है कि भारत सरकार ने पेगासस खरीदा है या नही परंतु बड़े बड़े विदेशी अखबार ब्रैंडस जैसे The Washington Post, the Guardian व एक भारतीय News Portal, The Wire ने अपनी Researches यहां तक कि फॉरेंसिक रिसर्च में भी यह पाया कि कुछ Smartphones मे पेगासस स्पाइवेयर है।

NSO Group भी यह स्पाइवेयर केवल देश की सरकारों या फिर स्पेशल एजेंसीयों को ही बेचती है तो भारतीय सरकार इन स्मार्टफोनस के अंदर इस स्पाइवेयर के होने का कारण मानी जा रही है परंतु भारत सरकार ने यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा कि उन्होंने इस पेगासस स्पाइवेयर को NSO Group से खरीदा है या नहीं।

13) भारत सरकार Vs आतंकवाद

भारत सरकार Vs आतंकवाद
भारत सरकार Vs आतंकवाद

अगर भारत सरकार ने यह पेगासस स्पाइवेयर खरीदा है तो इससे देश की सुरक्षा बलों को और मजबूती व आतंकवाद को मिटाने में भी काफी मदद मिल सकती है, हमारा देश इन बहुत दर्दनाक आतंकी घटनाओं से बच सकता है परंतु यह तभी संभव है जब इसको खरीदने का मुख्य मकसद देश का विकास होगा ना कि केवल फिजूल खर्च और संसदो में झगड़े का विषय बनाना।

14) पेगासस मुद्दा BJP Vs Congress

पेगासस मुद्दा BJP Vs Congress
पेगासस मुद्दा BJP Vs Congress

जी हां अब पेगासस स्पाइवेयर का मुद्दा धीरे-धीरे करके देश की दो सम्माननीय पार्टी BJP और Congress के बीच में जोरों शोरों से चल रहा है Congress ने अभी सत्ता में चल रही BJP के खिलाफ यह मुद्दा उठाया है कि वह स्पष्ट रूप से यह जानकारी दें कि क्या उन्होंने पेगासस खरीदा है या नही परंतु BJP की तरफ से यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा गया है कि उन्होंने पेगासस स्पाइवेयर खरीदा है या नहीं इसी वजह से यह देश में हाल-फिल्हाल बवाल बना हुआ है।

राहुल गाँधी का फोन हुआ Hack
राहुल गाँधी का फोन हुआ Hack
राहुल गाँधी का फोन हुआ Hack

साथ ही Congress ने यह भी सवाल उठाया है कि उनके प्रतिनिधित्व राहुल गांधी का भी फोन इसी स्पाइवेयर की मदद से Hack किया गया है अगर रिपोर्ट्स कि माने तो देश के लगभग 150 नागरिक जैसे बड़े-बड़े पत्रकार, न्यूज रिपोर्टर्स, नेताओ व कई सामान्य नागरिकों के फोन भी इसके जरिए Hack किए गए हैं जिस पर BJP ने यह तो कहा है कि उन्होंने यह स्पाइवेयर नहीं खरीदा है परंतु एक पूर्ण रूप से स्पष्टता जाहिर नहीं की है जो की मोदी सरकार को एक शक के घेरे में डालती है।

आखिर क्या कहा राहुल गांधी ने पेगासस स्पाइवेयर के विषय मे?
आखिर क्या कहा राहुल गांधी ने पेगासस स्पाइवेयर के विषय मे?
आखिर क्या कहा राहुल गांधी ने पेगासस स्पाइवेयर के विषय मे?

जब से पेगासस स्पाइवेयर का विषय आया है राहुल गांधी कुछ चिंतित व डरे-डरे से लग रहे हैं उन्होंने यह जरूर कहा है कि इस स्पाइवेयर की मदद से देश की सुरक्षा बलों व आतंकवाद जैसे विषयों के खिलाफ लड़ने में मदद तो अवश्य मिलेगी परंतु मोदी सरकार को यह बताना चाहिए कि पेगासस स्पाइवेयर का प्रयोग कहां-कहां किया गया है व इसके द्वारा हुई गई हानियां भी बताई जानी चाहिए।

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय पर एक कमेटी बैठनी चाहिए जो इसके ऊपर ठीक ढंग से रिसर्च कर सके व गृह मंत्री अमित शाह को अपने पद पे से इस्तीफा देने के लिए भी कहा।

15) पेगासस स्पाइवेयर से कैसे बचे?

पेगासस स्पाइवेयर से कैसे बचे?
पेगासस स्पाइवेयर से कैसे बचे?

पेगासस स्पाइवेयर से अपने फोन को Hack होने से बचाने के लिए कुछ गिने-चुने सुझाव ही सामने आए है अगर आप भी चाहें तो खुद से एक सुझाव बनाकर कमेंट कर सकते हैं या अपने फोन परनिम्नलिखित अप्लाई करके इस स्पाइवेयर से बच सकते हैं।

  1. अपने फोन के चार टुकड़े करे वह उसे कचरे के डिब्बे में फेंक दे।
  2. अपने फोन के ऊपर से रोड रोलर चला दे व साथ ही उसे अंतिम विदाई देना ना भूलें।
  3. Hacker साहब से अपने फोन को बक्श देने की प्रार्थना करें।
  4. अपने फोन का किसी को दान करके पुण्य कमा ले।

अंत में इतना ही कहेंगे अपने फोन का प्रयोग करना बंद कर दें

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